Uncategorized

बिहार एनडीए में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा! चिराग के बयान ने बीजेपी की बढ़ाई टेंशन।

चिराग छोड़ेंगे बीजेपी का साथ !

लोकसभा चुनाव से पहले सभी पार्टियां अपनी तैयारियों में जुटी है। जीतन राम मांझी की एनडीए में इंट्री ने दलित नेताओं की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में सभी नेता NDA गठबंधन में अपनी भूमिका को लेकर स्पष्ट होना चाहते हैं। इस मामले सबसे ज्यादा संदेह की स्थिति लोजपा में है। लोजपा के दोनों धरों, चाचा और भतिजा में नहीं बन रही पर वो एक ही गठबंधन में हैं। ऐसे में दोनों नेता एनडीए में अपनी-अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में लोजपा (रामविलास) ने कार्यकर्ताओं के मध्य अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए बैठक बुलाई। इस बैठक में चिराग पासवान को बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष सभी निर्णय के लिए अधिकृत किया गया।

असमंजस में हैं चिराग पासवान।
लोजपा(रामविलास) की बैठक को लेकर कई कयास लगाए जा रहे थे। कुछ लोगों का मानना था कि चिराग शायद महागठबंधन के साथ जा सकते। इस संभावना का एक कारण पशुपतिनाथ पारस का एनडीए के साथ होना था। जबकि इसका दूसरा कारण चिराग पासवान की बीते दिनों लालू यादव से मुलाकात थी। एक वजह बताई जा रही है कि बिहार एनडीए में दलित नेताओं की संख्या बढ़ने से चिराग परेशान हैं।

चिराग छोड़ेंगे बीजेपी का साथ !
चिराग ने बैठक में अपने पत्ते नहीं खोले। उन्होंने कहा कि गठबंधन को लेकर अभी वो कुछ बैठकें और करेंगे। इसके बाद वो जनता को अपना फैसला बताएंगे कि वो किसके साथ हैं। हलांकि चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी ने बीजेपी का कई मुद्दों पर समर्थन करती है। बैठक से पहले केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भी चिराग से बातचीत की है।

बीजेपी आलाकमान करेगी फैसला।
बैठक के बाद Chirag Paswan तुरंत दिल्ली रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि दिल्ली में BJP आलाकमान से चिराग पासवान बातचीत करेंगे। कुछ अटकलें यह भी लगाई जा रही थी पशुपति नाथ पारस का पोर्टफोलियो चिराग की तरफ शिफ्ट हो जाएगा। हलांकि चिराग पासवान ने ऐसी किसी भी अटकलों पर विराम लगा दिया है। चिराग की बैठक और पैसले करने के तरीके के कारण लोग इन्हें रामविलास पासवान की तरह देखने लगे हैं।

Related Articles

Back to top button