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गांधी जी और शराबबंदी कानून

भारत के पांच राज्यों बिहार, गुजरात, लक्षदीप, मिजोरम और नगालैण्ड में शराबबंदी कानून लागू है। जबकि कुछ अन्य राज्यों में आंशिक शराबबंदी कानून लागू है। बिहार में वर्ष 2016 से और गुजरात में 1960 से शराबबंदी लागू है। गांधी जी जन्मस्थली गुजरात है और कर्मस्थली है बिहार । इन दोनों राज्यों में के शराबबंदी कानून में भी फर्क है। गुजरात का शराबबंदी कानून बिहार के शराबबंदी कानून की तुलना में कमजोर है। शराबबंदी वाले पांचों राज्यों की तुलना की जाए तो बिहार अकेला राज्य है जहां पूर्ण शराबबंदी लागू है।

शराब पर गांधी जी के विचार
महात्मा गाँधीजी का मानना था कि अंग्रेजों का देश से जाना जितना जरूरी है उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण शराबबंदी है। उनका कहना था कि यदि मुझे 48 घंटे की भी हुकूमत दे दी जाए तो मैं एक साथ बिना मुआवजा दिए शराब की सारी दुकाने बंद करा दूंगा। शराब के सेवन से उत्पन्न होने वाली सामाजिक, आर्थिक और नैतिक परिस्थितियाँ गांधी जी को शराबबंदी के लिए प्रेरित करती थी।

बिहार में शराबबंदी की सफलता और गांधी जी का कनेक्शन
नीतीश कुमार जनसंबोधनों में गांधी जी की यह बात हमेशा दुहराते हैं कि शराब सिर्फ मनुष्य का स्वास्थ्य ही नहीं उसकी आत्मा का भी धीरे-धीरे नाश कर देती है। शराब पीने के बाद आदमी पशु में परिवर्तित हो जाता है। बिहार में नीतीश कुमार में वर्ष 2016 में शराबबंदी कानून को लागू किया। कानून की सख्ती के साथ- साथ नीतीश कुमार ने शराबबंदी की आवश्यकताओं जनता को समझाया। नीतीश कुमार समाज सुधार अभियान के तहत बिहार में घूम-घूमकर जनता को इसके फायदे गिनाते रहे। इसके साथ ही नीतीश कुमार शराब पर गांधी जी विचार को भी जनता के पास लेकर गए।

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