Bihar

शिक्षकों का 26 फरवरी से आरपार की लड़ाई, नौकरी से हाथ धो सकते हैं शिक्षक… पूरे बिहार में धरना-प्रदर्शन जारी…

Desk : बिहार में सरकारी स्कूलों के नियोजित शिक्षकों का आज मंगलवार को विधानसभा का घेराव करने का कार्यक्रम है । बिहार विधानसभा के बजट सत्र का मंगलवार यानी आज 13 फरवरी को दूसरा दिन है । आपको बता दें कि, ऐसे में शिक्षक इस सत्र के दौरान ही अपनी मांगों को लेकर सदन का घेराव करना चाहते हैं । मिली जानकारी के मुताबिक गर्दनीबाग में सुबह 11:30 बजे से जुटे चुके हैं । सरकारी स्कूलों के नियोजित शिक्षक, बिहार शिक्षक एकता मंच के बैनर तले वहीं पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं । वहां से 1 बजे के लगभग विधानसभा मार्च करने की प्लानिंग है । लेकिन गर्दनीबाग में ही पुलिस रोक सकती है । बताया जा रहा है कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी धरना प्रदर्शन किया जा रहा है । नियोजित शिक्षक बिना शर्त राज्य कर्मी का दर्जा चाहते हैं । शिक्षा विभाग की ओर से गठित कमेटी के द्वारा की गई अनुशंसा जिसमें 3 बार में सक्षमता परीक्षा पास नहीं करने पर सेवामुक्त कर देने का प्रावधान है । ये शिक्षक उसे निरस्त करने की मांग कर रहे हैं ।

आपको बता दें कि, नियोजित शिक्षकों का कहना है कि, राज्यकर्मी बनने के बाद उनके वेतन में समानुपातिक बढ़ोत्तरी भी होनी चाहिए । नियोजित शिक्षकों के अनुसार सक्षमता परीक्षा ऑनलाइन लिए जाने में कई सारी व्यावहारिक दिक्कतें हैं । अधिकांश नियोजित शिक्षक कंप्यूटर चलाने की जानकारी नहीं रखते हैं इसलिए सक्षमता परीक्षा का आयोजन करना भी है तो ऑफलाइन किया जाए । नियोजित शिक्षकों के अनुसार वे पहले से ही शिक्षक पात्रता या दक्षता परीक्षा उत्तीर्ण हैं । ऐसे में सक्षमता परीक्षा का कोई औचित्य ही नहीं है ।

बता दें कि, नियोजित टीचर्स का आरोप है कि, सरकार इस परीक्षा के माध्यम से शिक्षकों की छंटनी करना चाहती है । शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने सभी जिलों के डीएम को धरना प्रदर्शन में शामिल होने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश भी दिया है । बिहार में नियोजित शिक्षकों की संख्या करीब 4 लाख है । शिक्षा विभाग के अपर प्रमुख सचिव केके पाठक ने नियोजित शिक्षकों के लिए एक आदेश जारी किया था । जिसमें कहा गया था कि, अगर नियोजित शिक्षक तीन बार ली जाने वाली सक्षमता परीक्षा में नहीं बैठते हैं, तो इन्हें अपने नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा ।

26 फरवरी से सक्षमता परीक्षा का आयोजन

केके पाठ ने कहा कि, नौकरी बची रहे इसके लिए एक बार पास होना जरूरी है । जो नियोजित शिक्षक सक्षमता परीक्षा में पास हो जाएंगे उनको राज्यकर्मी का दर्जा मिलेगा । पर्मानेंट नौकरी हो जाएगी । पास होने के लिये तीन बार परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा । नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी बनाने के लिए बिहार बोर्ड की तरफ से सक्षमता परीक्षा ली जाएगी । पहली सक्षमता परीक्षा 26 फरवरी से आयोजित करने का निर्णय लिया गया है ।

खास बात तो यह है कि, 26 फरवरी को होनी वाली पहली सक्षमता परीक्षा और उसका परिणाम घोषित करने के बाद 3 चरणों में लगातार परीक्षाएं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ली जाएंगी । जो शिक्षक इन चारों चरण में होने वाली परीक्षाओं में से 3 चरणों की परीक्षा में नहीं बैठते हैं या फिर 3 से कम चरणों में बैठते हैं या 3 चरणों की परीक्षा में बैठने के बाद पास नहीं होते हैं, तो उन सभी स्थानीय निकाय शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी जाएगी ।

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