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जारी रहेगी जातीय जनगणना! High Court ने बिहार सरकार के पक्ष में सुनाया फैसला। 80 प्रतिशत Caste Census का काम हो चुका है पूरा।

बिहार में जारी रहेगा Caste Census.

हाई कोर्ट के द्वारा जातीय गणना को हरी झंडी दिखा दी गई है। इस फैसले का बिहार सरकार ने स्वागत किया है। बिहार सरकार का कहना है कि फौरन इसपे काम शुरू होगा। नीतीश कुमार के एक मंत्री ने कहा कि 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। जातीय जनगणना का काम राजनिति से नहीं बल्कि जनहित से प्रेरित है। इधर कोर्ट का फैसला आने के बाद सभी पार्टियों ने इसका स्वागत किया है। उनका कहना है कि बिहार सरकार जल्द ही इसे पूरा कर आंकड़े साझा करेगी।

जातीय जनगणना पर कब क्या हुआ यहां समझें।

07 जनवरी से जातीय जनगणना का पहला फेज शुरू।

15 अप्रैल से इसके दूसरे फेज की शुरुआत हुई।

15 मई तक जातीय जनगणना को पूरा करना था।

21 अप्रैल को मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया।

27 अप्रैल सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने को कहा।

2–3 मई को कोर्ट में बहस हुई, फैसला सुरक्षित रख गया।

3 मई 2023 को हाई कोर्ट ने जाती जनगणना पर लगाई रोक।

रोक लगने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची नीतीश सरकार।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार करें।

कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 3 जुलाई की तारीख तय की।

1 अगस्त 2023 को कोर्ट ने जातीय जनगणना को हरी झंडी दिखा दी।

बिहार विधानसभा में सर्व सम्मति से जाति जनगणना का फैसला लिया गया था। सभी दलों ने नीतीश कुमार के इस फैसले का स्वागत किया था। फिर एक याचिका हाईकोर्ट में लगाई गई और बिहार सरकार पर सवाल उठने लगे।हालांकि सीएम नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया था कि इसके पीछे सिर्फ विकास मुद्दा है। विकास योजनाओं को हर वर्ग तक पहुंचने के लिए यह किया जा रहा है।

मामला जब कोर्ट पहुंचा तो विपक्षियों को एक बैठे बिठाए एक मौका मिल गया। बीजेपी और तमाम पार्टियां जातीगत जनगणना का विरोध करने लगीं। हाई कोर्ट ने अब फैसला बिहार सरकार के पक्ष में दे दिया है। जिससे अब जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

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