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चिराग पासवान ने लालू-तेजस्वी से की बात, पारस के मंत्री बनते ही बनने लगे नए समीकरण

चाचा पशुपति कुमार पारस मोदी कैबिनेट में मंत्री के बने चिराग पासवान का बीजेपी से मोह टूटने लगा। खुद को पीएम मोदी का हनुमान बताने वाले चिराग पासवान अब धीरे-धीरे आरजेडी के करीब हो रहे हैं। एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान ने आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से बातचीत की है। दो दिन पहले आरजेडी के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक के चिराग से मिलने पहुंचे थे। इसके बाद चिराग पासवान ने फोन पर लालू यादव और फिर तेजस्वी यादव से बातचीत की। इस बातचीत के बाद बिहार में नए सियासी समीकरण के संकेत मिलने लगे हैं। आने वाले दिनों में अगर चिराग और तेजस्वी साथ आ जाए इसमें कोई अचरज नहीं होगा।

सूत्र बता रहे हैं कि चिराग पासवान और लालू यादव के बीच हुई बातचीत में आरजेडी सुप्रीमो ने चिराग को भरोसा दिया है कि चाचा पारस की बगावत के बीच वह उनके साथ खड़े हैं। लालू यादव ने चिराग पासवान को कहा है कि रामविलास पासवान उनके अच्छे मित्र थे रामविलास पासवान के साथ राजनीतिक रिश्ता चाहे जो भी रहा हो लेकिन व्यक्तिगत रिश्ता हमेशा रहा। लालू ने भरोसा दिया है कि वह अभिभावक के तौर पर हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। लालू ने चिराग से कहा है कि रामविलास पासवान की राजनीतिक विरासत के असली उत्तराधिकारी वही हैं। हालांकि चिराग पासवान और लालू यादव के बीच हुई बातचीत की अधिकारिक पुष्टि ना तो एलजेपी ने की है और ना ही आरजेडी ने।

उधर तेजस्वी यादव के साथ भी चिराग पासवान की बातचीत हुई है। चिराग और तेजस्वी आगे आने वाले दिनों में मुलाकात भी कर सकते हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि दोनों को नीतीश कुमार से मुकाबला करना है लिहाजा अब बीजेपी की परवाह किए बगैर चिराग पासवान तेजस्वी के साथ आ सकते हैं। हालांकि इस नए समीकरण की रूपरेखा क्या होगी वह तेजस्वी और चिराग दोनों मिल बैठकर तय करेंगे। आरजेडी के रणनीतिकारों ने तेजस्वी और चिराग को करीब लाने का काम शुरू किया था। श्याम रजक और मनोज झा ने लालू यादव से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान बिहार में बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा भी हुई है। तेजस्वी यादव फिलहाल बिहार से बाहर है लेकिन वह जब लौटेंगे तो बिहार दौरे का भी कार्यक्रम तय होगा। चिराग पासवान फिलहाल आशीर्वाद यात्रा शुरू कर चुके हैं। 26 जुलाई से मानसून सत्र शुरू होना है। विधानमंडल के मानसून सत्र के बाद तेजस्वी आगे का कार्यक्रम तय करेंगे।

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