BiharDELHISPECIAL STORYstatestateUncategorized

आखिर कब तक डूबता रहेगा उत्तर बिहार? हाई डैम निर्माण को लेकर केन्द्र सरकार क्यों है सुस्त?

बिहार में बाढ़ का असली कारण

बारिश का मौसम शुरू हो गया है। उत्तर बिहार के लोगों के लिए यह सबसे कठिन समय होता है। उत्तर बिहार बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र है। यह क्षेत्र बिहार की सर्वाधिक आबादी वाला क्षेत्र है। बारिश यहां के निवासियों हर साल बाढ़ का सामना करना पड़ता है। बारिश से एक तो यहां की आठ प्रमुख नदियों में जल की अधिकता हो जाती है। वहीं नेपाल के मध्य एवं पूर्वी पहाड़ों के बारिश का पानी भी इन्हीं नदियों में समाता है। जिससे कि उत्तर बिहार का इलाका जलमग्न हो जाता है। सारी फसलें तबाह हो जाती हैं और मवेशियों का भी नुकसान होता है। बाढ़ से हर साल महामारी के हालात भी बनते हैं। राज्य सरकार तुरंत सहायता देने के लिए कई सारे उपाय करती है। लेकिन अगले साल वही समस्याएं फिर से सामने आ जाती हैं।

उत्तर बिहार के बाढ़ की समस्या का मूल कारण केन्द्र सरकार की उदासिनता है। यह कहना है बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री का। उन्होंने सदन में कहा कि नेपाल में हाई डैम का निर्माण ही बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान है। जिसके लिए भारत सरकार को नेपाल सरकार से वार्ता कर इसपर कार्य शुरू करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि इस दिशा में 2004 में एक समझौता हुआ था। जिसके तहत नेपाल में दोनों देशों का संयुक्त कार्यालय खोला गया। उसके बाद इस दिशा में आगे कोई कार्य नहीं हुआ।

भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 15 प्रतिशत बाढ़ प्रभावित है। भारत के कुल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रफल का लगभग 23 प्रतिशत बिहार में है, जिनमें सर्वाधिक उत्तर बिहार में। नेपाल(Nepal) में उत्पन्न होने वाली ये पांच बड़ी नदियाँ- महानंदा, कोशी, बागमती, बूढ़ी गंडक और गंडक- मानसून के दौरान उत्तर बिहार में बाढ़ का कारण बनती हैं। दशकों के बनी हुई इस समस्या को दूर करने के लिए भारत सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं की गई है। बिहार सरकार ने विधानसभा से एक बार फिर बीजेपी सरकार ने मदद की अपील की है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस बार उत्तर बिहार बाढ़ से बच पाता है या नहीं।

चीन-नेपाल से आने वाली नदियां जो मचाती है तबाही

कोसी।
(तिब्बत-नेपाल हिमालय से निकलती है।)

गंडक।

(तिब्बत के धौलागिरी से निकती है।)

बूढ़ी गंडक।

(नेपाल से सटे सोमेश्वर पहाड़ी से निकलती है।

बागमती।  

(नेपाल के शिवपुरी पहाड़ी से निकलती है।)


कमला।

(नेपाल के महाभरता से निकलती है।)

घाघरा।

(नेपाल के नंपा से निकलती है।)

ये सभी नदियां बिहार में आकर गंगा नदी में मिल जाती हैं।

#Flood in Bihar #North Bihar Flood Reason #High Dam in Nepal #Bihar Vidhan sabha

Related Articles

Back to top button