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देश में सबसे अधिक बिहार के कॉलेजों में छात्रों का नामांकन…

DESK : ऑल इंडिया सर्वे ऑफ हायर एजुकेशन (एआईएसएचई) की ताजा रिपोर्ट से यह बात सामने आई है। देश में सबसे अधिक बिहार के कॉलेजों में छात्रों का नामांकन है। जबकि एआईएसएचई की रिपोर्ट के अनुसार प्रति लाख की आबादी में कॉलेजों की संख्या दूसरे राज्यों की अपेक्षा बिहार में कम है।

इस रिपोर्ट में कहा गया कि बिहार के कॉलेजों में औसत नामांकन 4974 छात्रों का होता है। इनमें 2805 सरकारी , 439 वित्तरहित कॉलेज और 1730 संबद्ध कॉलेजों के छात्र हैं। बिहार के वनिस्पत पड़ोसी उत्तर प्रदेश में औसत 2651 और गुजरात में 1975 नामांकन हर वर्ष होता है। बीआरएबीयू में स्नातक, पीजी, वोकेशनल और अन्य कोर्स मिलाकर पौने दो लाख छात्रों का नामांकन है। इसमें सबसे ज्यादा स्नातक में 1,21,653 छात्रों का नामांकन है।

एक लाख की आबादी पर सूबे में आठ कॉलेज रिपोर्ट के अनुसार सूबे में एक लाख की आबादी पर आठ हैं। सूबे में कुल 1035 कॉलेज हैं। बिहार विवि में कॉलेजों की संख्या 200 है, इनमें 111 स्नातक के कॉलेज हैं। एआईएसएचई की रिपोर्ट के अनुसार प्रति लाख की आबादी में कॉलेजों की संख्या दूसरे राज्यों की अपेक्षा बिहार में कम है। पड़ोसी राज्य झारखंड में एक लाख की आबादी पर 9 कॉलेज, उत्तर प्रदेश में 32 और गुजरात में 31 हैं।

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सूबे के सरकारी कॉलेजों में 15,28,586 छात्र पढ़ते हैं। वित्तरहित में छात्रों की संख्या 1,44,505 और संबद्ध कॉलेजों में 2,73,361 हैं।

दूसरे कई राज्यों में सरकरी में दाखिला बिहार से पीछे है। छत्तीसगढ़ में 3.13 लाख, झारखंड में 4.62 लाख और उत्तर प्रदेश में 5.84 लाख छात्र सरकारी कॉलेजों में पढ़ते हैं।

औसत नामांकन
बिहार 4974
उत्तर प्रदेश 2651
गुजरात 1975
शोध में भी बिहार के शोधार्थी आगे
विश्वविद्यालयों में शोध करने में भी बिहार के विद्यार्थी आगे हैं। बिहार के विश्वविद्यालयों में अभी 3808 छात्र शोध कर रहे हैं। इसमें बीआरएबीयू में लगभग पांच सौ छात्र शोध कर रहे हैं। झारखंड के विश्वविद्यालयों में शोध करने वाले छात्रों की संख्या 2657 है। छत्तीसगढ़ में शोधार्थियों की संख्या 1654 है।

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